
ककोड़ा मिनी कुंभ मेला 29 अक्टूबर से 12 नवंबर तक आयोजित किया गया था और अब समाप्त हो गया है। इस अवधि के दौरान, गंगा घाट पर गंगा स्नान एक मुख्य आकर्षण था, और लोग जलेबी की दुकानों, मौत के कुएं और मीना बाज़ार जैसे विभिन्न मनोरंजन और खरीदारी के आकर्षणों का आनंद लेने के लिए दूर-दूर से आए थे। मेला समाप्त होने के बाद, लोग घर वापस जा रहे हैं और तंबुओं का शहर धीरे-धीरे खाली हो रहा है।

मेले का समापन: मिनी कुंभ मेला ककोड़ा का समापन 12 नवंबर को हुआ वापसी: लोग अब अपने घरों की ओर लौट रहे हैं और “तंबुओं का शहर” अब उजड़ने लगा है।

अंतिम गतिविधियाँ: मेले के अंतिम दिनों में, महिलाएं और बच्चे अभी भी मीना बाजार में खरीदारी करते हुए देखे जा सकते हैं।

मेले की अवधि: मेला 29 अक्टूबर से 12 नवंबर तक चले गा।

मुख्य आकर्षण: गंगा स्नान, जलेबी की दुकानें, मौत का कुआं और मीना बाज़ार जैसे आकर्षण प्रमुख थे




