
बिजनौर बैराज और हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से मेरठ और आसपास के खादर क्षेत्र में बाढ़ आ गई है। गंगा का पानी बढ़ने से कई गांव जैसे हादीपुर गांवडी, सिरजेपुर, भीकुंड, किशनपुर और लतीफपुर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
किसानों की फसलें बर्बाद
बाढ़ की वजह से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, और पानी भरने के कारण गन्ने की फसल भी सूखने लगी है। किसानों को सबसे ज्यादा चिंता अपनी बर्बाद हो रही फसलों की है, क्योंकि उनकी आजीविका पूरी तरह से खेती पर निर्भर है।
बस्तौरा गांव पर कटाव का खतरा
बस्तौरा गांव के लोगों को गंगा के लगातार हो रहे कटान (मिट्टी के कटाव) से सबसे ज़्यादा खतरा है। नदी अब गांव से सिर्फ 150 मीटर दूर है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां पहले उनके गन्ने के खेत थे, वो पूरा इलाका अब गंगा में समा गया है।
एसडीएम मवाना, संतोष कुमार सिंह, ने बताया है कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और सुरक्षा के लिए क्षतिग्रस्त पुल की अप्रोच रोड पर आवागमन रोक दिया गया है। किसानों को अपने परिवारों के भरण-पोषण की चिंता सता रही है।











