उत्तर प्रदेशमेरठ

​बाहर कंप्यूटर सेंटर, भीतर जिस्मफरोशी का धंधा: पुलिस की छापेमारी में हुआ बड़ा खुलासा

ज़रूर, इस खबर को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के लिए मैंने इसे दोबारा लिखा है। मैंने इसे और अधिक आकर्षक बनाने के लिए मुख्य बिंदुओं को उजागर किया है, और इसे एक स्पष्ट और प्रभावी प्रारूप में व्यवस्थित किया है।

मेरठ: कंप्यूटर सेंटर की आड़ में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, आसपास के लोगों ने किए चौंकाने वाले खुलासे

मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र में एक तथाकथित कंप्यूटर सेंटर में चल रहे जिस्मफरोशी के रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस की छापेमारी में यहां से आपत्तिजनक हालत में कई जोड़े और सामान बरामद किए गए। यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस को सूचना मिली कि ‘एफेबल डिजाइन्स कंपनीज’ नाम का यह कंप्यूटर सेंटर सिर्फ एक दिखावा है, जबकि इसके अंदर ‘मैजिक टच स्पा’ के नाम से अवैध धंधा चल रहा था।

छापेमारी के दौरान क्या हुआ?

13 सितंबर, शनिवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि सम्राट हेवेंस होटल के सामने त्यागी कॉम्प्लेक्स में यह अवैध गतिविधि चल रही है। सीओ अभिषेक तिवारी के नेतृत्व में नौचंदी और सिविल लाइंस थाने की पुलिस ने छापा मारा। अंदर, पुलिस को 9 लड़कियां, 3 ग्राहक और संचालक राजवीर मिले, जिन्हें तुरंत हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, इस रैकेट का संचालन सोशल मीडिया के जरिए होता था, जहां ग्राहकों को लड़कियों की तस्वीरें भेजकर बुकिंग की जाती थी।

पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामान भी जब्त किया और कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में बिल्डिंग के मालिक विकास त्यागी का नाम भी सामने आया है, जो अभी फरार है। पुलिस टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं।

छुट्टी के दिन ज्यादा भीड़ रहती थी’ – पड़ोसियों के चौंकाने वाले बयान

छापेमारी के बाद, त्रिलोक न्यूज़ की टीम ने ग्राउंड रिपोर्टिंग की और आसपास के लोगों से बात की। हालांकि कैमरे पर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ, लेकिन ऑफ-कैमरा उन्होंने कई चौंकाने वाले खुलासे किए:

* संदिग्ध भीड़: आसपास के दुकानदारों ने बताया कि यह कंप्यूटर सेंटर रविवार को भी खुला रहता था, जबकि आमतौर पर ऐसे संस्थान बंद होते हैं। छुट्टी के दिन यहां सबसे ज्यादा भीड़ रहती थी।

* नकाब में लड़कियां: एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि लड़कियां अक्सर अपना चेहरा दुपट्टे या नकाब से ढंककर आती थीं। वे काफी तंग कपड़े पहने होती थीं और उनकी पहचान करना मुश्किल था।

 * वीआईपी मूवमेंट: कॉम्प्लेक्स में एक ऑफिस स्टाफ ने बताया कि यहां हर तरह की गाड़ियां आती थीं, जिनमें कुछ बड़ी और झंडा लगी गाड़ियां भी शामिल थीं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां बड़े लोगों का आना-जाना था।

 * बढ़ती बिक्री: पास की चाय की दुकान चलाने वाले युवक ने बताया कि इस सेंटर के कारण सिगरेट के 10 से ज्यादा पैकेट और एनर्जी ड्रिंक की बिक्री काफी बढ़ गई थी।

* अजीब चुप्पी: लोगों ने बताया कि यहां आने वाले ग्राहक सीधे ऊपर चले जाते थे और किसी से कोई बातचीत नहीं करते थे।

* संदिग्ध गाड़ियां: छापेमारी के बाद से कुछ गाड़ियां कॉम्प्लेक्स की पार्किंग में खड़ी हैं, जिनसे शक है कि ये उन लोगों की हैं जो ग्राहक के रूप में यहां आए थे और बाद में भाग गए।

मुख्य आरोपी विकास त्यागी फरार

सीओ अभिषेक तिवारी ने बताया कि इस बिल्डिंग के मालिक विकास त्यागी को भी इस मामले में नामजद किया गया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि यह अवैध धंधा उन्हीं के कहने पर चल रहा था। विकास त्यागी फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल उस कॉम्प्लेक्स, बल्कि आसपास के माहौल को भी बदल दिया है, जहां हर कोई एक दूसरे को शक की नजर से देख रहा है

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!