
हस्तिनापुर में गंगा कटान का खतरा बढ़ता जा रहा है। अब तक दो हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि गंगा में समा चुकी है और करीब पांच हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई। कटान से दस हजार से ज्यादा किसान प्रभावित हैं, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किया गया।
हस्तिनापुर में गंगा के कटान ने हस्तिनापुर क्षेत्र के गांवों में हड़कंप मचा दिया है। बाढ़ के बाद नदी की तेज धारा लगातार गांवों और खेतों को अपनी चपेट में ले रही है।
अब तक करीब पांच हजार हेक्टेयर फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है और दो हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि गंगा में समा चुकी है।
गंगा की धारा इन दिनों बस्तोता नारंग, मखदुमपुर, किशोरपुर और जलालपुर जोरा गांव की ओर बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। कटान से करीब दस हजार किसान प्रभावित हो चुके हैं, जिनकी जमीन और खेत नदी में समा गए हैं। ग्रामीण लगातार प्रशासन से कटान रोकने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इस बीच बिजनौर बैराज से छोड़ा जा रहा पानी भी कई गांवों के लिए खतरा बढ़ा रहा है।







