ताज़ा ख़बरें

*विधि विधान से की बैल पूजा*

खास खबर

*विधि विधान से की बैल पूजा*

खण्डवा// पोला पर्व के मौके पर खंडवा में विधि-विधान से बैल पूजा की गई बैल को तिलक लगाया उनकी आरती उतार और फिर गुड़ की रोटी और चावल के व्यंजन उन्हें खिलाए। शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार ने बताया कि श्री दादा जी दरबार में पूजन से पहले बैलों का श्रृंगार किया गया था।गौरतलब है कि भाद्रपद अमावस्या से एक दिन पूर्व किसान गाय एवं बैलों को रस्सी से आजाद कर देते हैं, इनके शरीर पर हल्दी का उबटन एवं सरसों का तेल लगाकर मालिश करते हैं। अगले दिन यानी बैल पोला के दिन गाय-बैलों को स्नान कराया जाता है। इसके बाद उनका श्रृंगार करते हैं। गले में घंटी युक्त नई माला पहनाते हैं। उनके सींगों को रंगा जाता है, उसमें धातु के छल्ले, एवं वस्त्र पहनाते हैं और माथे पर तिलक लगाकर उन्हें हरा चारा और गुड़ खिलाते हैं। कुछ क्षेत्रों में पोली नैवेद्य (चावल एवं दाल से बना विशिष्ठ पकवान व्यजंन) और गुड़वनी (गुड़ से बना पकवान) भी खिलाया जाता है। घर के सभी सदस्य बैलों के सामने हाथ जोड़कर कृषि में सह भूमिका निभाने के लिए अभार व्यक्त करते है। पूजन के दौरान विश्राम प्रजापति ने गौ वंश पालकों सहित किसानों भाइयों को पोला पर्व की शुभकामनाएं दी।

Show More
Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!