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रूस में फँसे पीलीभीत के 6 युवक: रोजगार के नाम पर 15 लाख की ठगी, सांसद से लगाई गुहार

रिपोर्टर: अमित दीक्षित जिला ब्यूरो चीफ 

 पीलीभीत के छह युवाओं के लिए एक डरावना दुःस्वप्न बन गया है। रोजगार के नाम पर धोखाधड़ी का शिकार हुए ये युवक इस वक्त रूस में फंसे हुए हैं और वहां बेहद अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। पीड़ितों ने एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई है और स्थानीय सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद से सुरक्षित वतन वापसी की गुहार लगाई है।

धोखाधड़ी का जाल और अमानवीय हालात

परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शाहजहांपुर के बंडा थाना अंतर्गत ग्राम चंदुआपुर निवासी एजेंट हरनारायण ने इन युवकों को रूस में अच्छी कंपनी में ‘वर्क वीजा’ पर काम दिलाने का झांसा दिया था। इसके बदले उसने प्रति युवक से लाखों रुपये ऐंठे। 26 सितंबर 2025 को इन युवाओं को दिल्ली से रूस भेजा गया था।

रूस पहुँचने पर इन युवकों को पता चला कि उनके पास वर्क वीजा नहीं, बल्कि टूरिस्ट वीजा है। वहां उनसे 30-35 मंजिला इमारतों पर बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के 12-12 घंटे काम कराया जा रहा है। विरोध करने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है और वेतन के नाम पर कुछ भी नहीं दिया जा रहा। स्थानीय पुलिस भी वैध वीजा न होने के कारण उन्हें परेशान कर रही है।

इन युवाओं की है पुकार:

रूस में फंसे युवाओं की पहचान इस प्रकार हुई है:

छोटू लाल (ग्राम लालपुर, थाना गजरौला)

राजा बाबू (ग्राम महद खास, बीसलपुर)

गिरीश कुमार (ग्राम खगाई, बरखेड़ा)

रामवीर (ग्राम अधकटा, बरखेड़ा)

महेश पाल

बेगराज

प्रशासनिक सक्रियता और वतन वापसी की उम्मीद

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने विदेश मंत्रालय और रूस स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर इन युवाओं की सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।

क्रांतिकारी विचार मंच के प्रांतीय संरक्षक देव स्वरूप पटेल ने भी परिजनों को ढांढस बंधाया है। उन्होंने कहा कि इसी महीने किर्गिस्तान से भी 14 लोगों को सुरक्षित वापस लाया गया है और जल्द ही इन छह युवकों को भी भारत लाया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे रोजगार के लिए किसी निजी एजेंट के बहकावे में न आएं।

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