
संपर्क मार्ग दुरुस्ती कार्य पर ग्रामीणों का विरोध, पुल निर्माण की उठाई मांग
देर रात जब मिट्टी के ट्रक मौके पर पहुंचे, तो ग्रामीणों ने हंगामा कर काम रुकवा दिया।
त्रिलोक न्यूज विक्की हस्तिनापुर मेरठ पिछले महीने खादर क्षेत्र में आई बाढ़ ने पीडब्ल्यूडी विभाग को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया। बाढ़ के दौरान हस्तिनापुर से चांदपुर बिजनौर को जोड़ने वाला गंगा पुल का संपर्क मार्ग भीमकुंड गांव के समीप बह गया था। तब से यह मार्ग पूरी तरह से बंद है और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। जैसे ही बाढ़ का पानी कम हुआ, पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने इस संपर्क मार्ग को दुरुस्त करने के लिए मिट्टी डालने का कार्य शुरू कराया। लेकिन मंगलवार की लतीफपुर के ग्राम प्रधान करतार सिंह सहित जज सिंह, कुलदीप, बिरजू, गुरमीत, तारा सिंह, जग्गा सिंह, मालिक सिंह आदि ग्रामीणों ने कहा कि जब तक इस संपर्क मार्ग पर स्थायी पुल का निर्माण नहीं होगा, वे मिट्टी का अस्थायी कार्य नहीं होने देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष भी यही मार्ग बाढ़ में बह गया था और छोटी पुलिया पानी निकासी के लिए पर्याप्त नहीं है। मौके पर पहुंचे दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों व किसानों ने पीडब्ल्यूडी और प्रशासनिक अधिकारियों से स्थायी पुल निर्माण की मांग उठाई। उनका कहना है कि हर साल रास्ता टूटने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। फसलें जलभराव और बाढ़ के पानी में नष्ट हो जाती हैं, जिससे करोड़ों रुपए की हानि होती है। किसानों के विरोध के चलते मिट्टी के कई डंपर वापस लौट गए और संपर्क मार्ग की मरम्मत का कार्य रोकना पड़ा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक पुल निर्माण की घोषणा नहीं होती, वे इस मार्ग को दुरुस्त नहीं होने देंगे।







