किसान आंदोलन के प्रमुख सदस्यों ने कवरेज कर रहे पत्रकारों पर हमला कर गंभीर रूप से किया घायल, शंभू बार्डर पर आंदोलन में कुछ किसान नेताओं द्वारा जनपक्षधर पत्रकारों पर हमला,
अम्बाला किसान आंदोलन, खुलासा सोनी वर्मा
पंजाब से भारी संख्या मे किसान दिल्ली की और बढ़ रहे हैं। जिन्हें हरियाणा के बार्डर पर अम्बाला पुलिस ने पिछले तीन दिन से रोक रखा है। इस आंदोलन में कुछ गुट ऐसे भी शामिल हो गए हैं, जिनके द्वारा नफरत फ़ैलाने के साथ साथ पत्रकारों पर भी हमले किए जा रहे हैं। ऐसे लोग माहौल खराब करने की फिराक में हर संभव प्रयास कर रहे हैं। देश एवं समाज विरोधी बातें, पुलिस एवं सुरक्षा दस्तों के उपर पथराव करतें जब कोई पत्रकार इस दृश्य को दिखाकर इनकी सोच जनता तक पहुंचाना चाहता है तो यह गुट पत्रकारों पर हमला कर देता है। इस आंदोलन में किसान नेताओं को ऐसे शरारती तत्वों पर विशेष तौर पर नजर रखनी होगी तां जो यह लोग किसी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे सके। बीते कल जहां हरियाणा पुलिस के आंसु गैस के हमले से कई पत्रकार घायल हो गए, वहीं आज शंभू बार्डर पर कुछ किसान नेताओं के द्वारा किए जानलेवा हमले में पत्रकार सिकंदर, कर्ण और सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि घायल पत्रकारों को ईलाज के लिए हस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वही शाम को किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल ने प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों पर हुए हमले में जनतक तौर पर माफी मांगी और कहा कि हम हमलावरों की पहचान करेंगे एवं भविष्य में ऐसी घटना ना हो इसका विशेष तौर पर ध्यान रखेंगे । इस घटना को लेकर पत्रकारों में भारी रोष है। हम पत्रकारों से आग्रह करते हैं कि आंदोलन में कवरेज करते समय सतर्क रहें अपनी जान माल की सुरक्षा पहले करें।
2,505 1 minute read
