
सिवनी। सिवनी जिले के वरिष्ठ पत्रकार शमीम खान पर हुए हमले की कोशिश घटना को लेकर पत्रकार जगत में आक्रोश है। पत्रकार संगठनों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शमीम खान लंबे समय से अपनी लेखनी के माध्यम से जनहित के मुद्दों को उठाते रहे हैं। व्यवस्था से जुड़े सवालों और अनियमितताओं को सामने लाना पत्रकार का दायित्व है। ऐसे में किसी पत्रकार को उसकी कलम रोकने के लिए धमकाना या उस पर हमला करना केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर गंभीर हमला माना जा रहा है।
पत्रकारों ने कहा कि यदि किसी पत्रकार की खबर या लेख से किसी को आपत्ति है तो उसका लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए। मारपीट या धमकी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
घटना को लेकर मांग की गई है कि शासन-प्रशासन मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच कर दोषियों की पहचान करे तथा उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही पत्रकारों को निर्भय होकर अपना दायित्व निभाने के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की भी मांग उठी है।
पत्रकार समाज ने एकजुट होकर स्पष्ट संदेश दिया है कि पत्रकारों पर हमला किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सत्य और जनहित की आवाज उठाने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है।









