
*इस्कॉन के भव्य कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में भक्तिमय वातावरण में झूम उठे श्रद्धालु*

खंडवा। आनंद परिसर में इस्कॉन द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भव्य एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं शहरवासी शामिल हुए। पूरे परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के नाम, भक्ति और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। यह जानकारी देते हुए राष्ट्रीय सिंधी समाज प्रदेश प्रवक्ता निर्मल मंगवानी एवं मयूर राजानी ने बताया कि आयोजन इस्कॉन सेंटर प्रमुख अखिल बंधु, गोपालदास प्रभु जी एवं नेताई प्रिया प्रभु जी के दिशानिर्देश में जन्मोत्सव की शुरुआत मधुर हरे कृष्ण महामंत्र के संकीर्तन से हुई। जैसे-जैसे कीर्तन आगे बढ़ा श्रद्धालु भगवान के नाम पर झूमते और नृत्य करते नजर आए। भक्तिमय संगीत और संकीर्तन ने पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया। इस दौरान नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से मनुष्य जीवन के महत्व को समझाया गया। नाट्य में बताया गया कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसे केवल भौतिक सुखों में व्यर्थ नहीं करना चाहिए। मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपने प्रेम को जागृत करना और आध्यात्मिक चेतना को विकसित करना है। पश्चात सुंदर नृत्य प्रस्तुतियां भी हुईं, जिन्हें श्रद्धालुओं ने खूब सराहा। वहीं, श्रीकृष्ण की मधुर लीलाओं पर आधारित कथा का भी आयोजन किया गया। प्रवक्ता ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण एवं मधुर वर्णन किया। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण करते हुए भगवान की लीलाओं से आध्यात्मिक ज्ञान और जीवन की महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की। जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में भगवान जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी के रथ का भी निर्माण किया गया था। रथ पर विराजमान भगवान के सुंदर श्रृंगार और दर्शन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। बाल गोपाल के झूले के दर्शन के साथ श्रद्धालुओं को भगवान को झूला झुलाने का अवसर भी मिला। इसके बाद श्री श्री राधा-कृष्ण का अभिषेक विधिवत रूप से किया गया, जिसमें खंडवा की कई जानी-मानी हस्तियों ने भी सहभागिता की। इस मौके पर भक्तों द्वारा नंदगांव की भव्य एवं आकर्षक झांकी भी तैयार की गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और सभी को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की सुंदर अनुभूति कराई। भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के बीच फरियाली प्रसादी एवं छप्पन भोग का वितरण किया गया। भक्तों को भगवान का चरणामृत भी वितरित किया गया। रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के अवसर पर भव्य महाआरती एवं पुष्प अभिषेक हुआ। इस दौरान पूरा परिसर हरिनाम संकीर्तन से गूंज उठा और श्रद्धालु भगवान के नाम पर भाव-विभोर होकर नृत्य करते नजर आए। इस बार के जन्माष्टमी महोत्सव में खंडवा के कई इस्टाग्राम एवं यूट्यूब, इन्फ्लुएंसर ने भी सहभागिता की। उन्होंने कार्यक्रम की भव्यता, आध्यात्मिक वातावरण और व्यवस्थाओं की सराहना की। इस्कॉन खंडवा का यह आयोजन केवल जन्माष्टमी उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, उनकी लीलाओं और मनुष्य जीवन के वास्तविक उद्देश्य का संदेश भी देकर गया। इस महोत्सव के अवसर पर भागवत कथा वक्ता परंपरा प्रभु जी, दीपक, नितेश, साईं प्रेम, रोहित, आदित्य, मोहित, दशावतार, चंदन, हर्षित, सागर, रचित, भुवन प्रभु जी, राम मोहन, महेंद्र पटेल, दुर्गेश, मयूर राजानी, राहुल एवं हेमंत निर्मल मंगवानी आदि सहित सभी भक्तों एवं कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम और सहयोग से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव को भव्य एवं सफल स्वरूप प्रदान किया गया।











