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किशोर दा की नगरी में गूंजे सदाबहार नगमे, कलाकारों ने बांधा सुरों का समां।

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किशोर दा की नगरी में गूंजे सदाबहार नगमे, कलाकारों ने बांधा सुरों का समां।

माणिक वाचनालय में NSD म्यूजिकल ग्रुप की किशोर कुमार म्यूजिकल नाइट, भोपाल और खंडवा के कलाकारों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां

खंडवा। किशोर कुमार की नगरी खंडवा में संगीत की ऐसी महफिल सजी, जिसमें किशोर दा के सदाबहार नगमों ने श्रोताओं को उनकी यादों से जोड़ दिया। माणिक वाचनालय में NSD म्यूजिकल ग्रुप की ओर से किशोर कुमार म्यूजिकल नाइट का आयोजन किया गया। भोपाल से आए कलाकारों के साथ खंडवा के संगीतप्रेमियों ने भी प्रस्तुतियां देकर शाम को यादगार बना दिया। समाजसेवी व किशोर प्रेरणा मंच के प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि संगीत की नगरी खंडवा में आयोजित गीत संगीत निशा में
कार्यक्रम की आयोजिका प्रियंका डेविड एवं संयोजक निताशा बुंदेला ने आयोजन की व्यवस्थाएं संभालीं। भोपाल के और खंडवा के कलाकारों ने किशोर दा के शादी एन या गायक गायिकाओं के गाने प्रस्तुत प्रस्तुत कर किशोर दा को गीतों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की, कार्यक्रम में समाजसेवी व वाचनालय के अध्यक्ष दिनेश पालीवाल एवं वरिष्ठ सहयोगी समाजसेवी सुनील जैन विशेष रूप से शामिल हुए।
प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि भोपाल के जाने-माने एंकर योगेश माकवे ने मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम को रोचक बनाए रखा। कंप्यूटर के माध्यम से गीतों की सेटिंग ऐशने बुंदेला ने संभाली, चूड़ी नहीं मेरा दिल है पाल पाल दिल के पास, अरे दीवानो मुझे पहचानो, आचल के तुझे, वो शाम कुछ अजीब थी, मेरे सामने वाली खिड़की में तेरा साथ है कितना प्यारा, जैसे कई शानदार गीतों की प्रस्तुति भोपाल से पहुंचे योगेश माकवे, आरके खेरीया, उदय, वीरेंद्र, सुचिता, लखन, रूप बसंत, रामकुमार, विशाल, पल्लवी सहित खंडवा के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। इस अवसर पर सुनील जैन दिनेश पालीवाल ने अर्जित कार्यक्रम को लेकर आयोजनों को शुभकामना प्रेषित करते हुए कहा कि किशोर दा की यह संगीत नगरी में संगीत की गूंज हर तरफ सुनाई देती है, किशोर दा के जन्म दिवस 4 अगस्त और 13 अक्टूबर पुण्यतिथि पर देश के बड़े कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जाती है साथ ही देश भर के किशोर प्रेमी खंडवा पहुंचकर किशोर दा को गीतों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, किशोर दा के गीतों की एक के बाद एक प्रस्तुतियों के बीच पूरा सभागार संगीत में डूबा नजर आया। खंडवा के स्थानीय संगीत प्रेमियों ने भी मंच पर अपनी प्रस्तुतियां दीं और गीतों को सुनकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं ने गीतों के साथ सुर मिलाकर किशोर कुमार की संगीत विरासत को याद किया। योगेश माकवे एवं प्रियंका डेविड ने कहा कि किशोर दा की जन्मभूमि खंडवा में उनके पुश्तैनी मकान के समीप उनके गीतों को समर्पित ऐसी संगीत संध्याओं का उद्देश्य उनकी आवाज और संगीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

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