
भक्ति और उत्साह के वातावरण में महर्षि वाल्मीकि जयंती की भव्य शोभायात्रा
नगर () में मंगलवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने नगर के वातावरण को भक्ति और उत्साह से सराबोर कर दिया। शोभायात्रा में शामिल सुंदर-सुंदर झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया और श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शोभायात्रा का शुभारंभ अखिल भारतीय वाल्मीकि प्रबंधक कमेटी के तत्वावधान में महर्षि वाल्मीकि आश्रम से हुआ। इसका उद्घाटन पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि और चेयरपर्सन सुधा खटीक ने फीता काटकर किया।
इस अवसर पर प्रभुदयाल वाल्मीकि ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि, “हमें उनके बताए आदर्शों पर चलकर समाज में फैली कुरीतियों का अंत करना चाहिए।”
आकर्षक झांकियों और नृत्य ने किया मंत्रमुग्ध
शोभायात्रा आश्रम से शुरू होकर बंगाली बाजार, डिफेंस कॉलोनी, भीमनगर, अंबेडकर बाजार, मेन बाजार सहित नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी और अंत में पुनः आश्रम पर पहुंचकर संपन्न हुई। शोभायात्रा में महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा, भारत माता सहित कई आकर्षक झांकियां शामिल थीं। इन झांकियों के साथ चल रहे कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को खूब आनंदित किया। नगरवासियों ने भी जगह-जगह फूलमालाओं से शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया।
सत्संग में मिला कुरीतियाँ त्यागने और शिक्षा अपनाने का संदेश
शोभायात्रा से एक दिन पूर्व, सोमवार की रात्रि में महर्षि वाल्मीकि आश्रम में एक भव्य सत्संग का आयोजन किया गया। संतों ने उपस्थित जनसमूह को दहेज प्रथा और नशाखोरी जैसी सामाजिक कुरीतियों को त्यागने का संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने अपने बच्चों को शिक्षा के मार्ग पर अग्रसर करने का महत्वपूर्ण आह्वान भी किया।
इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में राजेश जीनवाल, संजय जीनवाल, अनमोल पूर्वा, अशोक वैद्य, नरेश टांक, रामानंद, अक्षय टांक, प्रदीप, भूलेराम, रामपाल, विजय सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।








