पीलीभीत (पूरनपुर): पीलीभीत जिले में मौनी अमावस्या का पावन पर्व उस समय गहरे शोक में बदल गया, जब शारदा नदी में स्नान के दौरान तीन परिवारों के चिराग बुझ गए। थाना हजारा क्षेत्र के धनाराघाट पर रविवार को नहाते समय दो किशोर गहरे पानी में समा गए, जिन्हें बचाने की कोशिश में एक युवक ने भी अपनी जान गंवा दी।
नहाने के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम चंदिया हजारा निवासी सुमित (14 वर्ष) पुत्र सुशांत और सौरभ (15 वर्ष) पुत्र निताई मौनी अमावस्या के अवसर पर धनाराघाट पर गंगा स्नान करने गए थे। चश्मदीदों के मुताबिक, नदी में हाल ही में हुए चेनेराइजेशन (नदी की धारा मोड़ने का कार्य) की वजह से वहां काफी गहरे और खतरनाक गड्ढे बन गए थे। किशोरों को गहराई का अंदाजा नहीं लगा और वे अचानक गहरे पानी में डूबने लगे।
साहस ने भी तोड़ा दम
घाट पर मौजूद केशव प्रसाद नामक युवक ने जब किशोरों को डूबते देखा, तो उसने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी। केशव ने किशोरों को बचाने का अथक प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज और गहराई अधिक होने के कारण वह सफल नहीं हो सका और स्वयं भी काल के गाल में समा गया।
स्थानीय गोताखोरों ने निकाले शव
हादसे के बाद घाट पर भारी भीड़ जमा हो गई और कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय गोताखोरों ने तीनों के शवों को नदी की गहराई से बाहर निकाला। शवों के बाहर आते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
ग्रामीणों में गहरा रोष
इस हृदय विदारक घटना के बाद गांव चंदिया हजारा में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की है। ग्रामीणों का आरोप है कि चेनेराइजेशन कार्य के बाद नदी में बने गड्ढों के पास कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ।
संक्षिप्त विवरण:
मृतक: सुमित (14), सौरभ (15) और केशव प्रसाद (युवक)।
स्थान: शारदा नदी, धनाराघाट, थाना हजारा (पीलीभीत)।
प्रमुख कारण: नदी में हुए निर्माण कार्यों के कारण बने गहरे गड्ढे।











