

रिपोर्टर= भव्य जैन
झाबुआ। केशव विद्यापीठ में विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से ’’मिट्टी से इको-फ्रेंडली गणेश जी की प्रतिमा बनाने का विशेष प्रशिक्षण’’ दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्राकृतिक मिट्टी से श्री गणेश की सुंदर प्रतिमाएँ बनाना सीखा। प्रशिक्षक श्री आशिष पाण्डे द्वारा विद्यार्थियों को प्रतिमा निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं के साथ-साथ ’’पर्यावरण के अनुकूल गणेश प्रतिमा के महत्व’’ के बारे में भी जानकारी दी गई। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में ’’रचनात्मकता, भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान तथा पर्यावरण संरक्षण की भावना’’ विकसित करना रहा। विद्यार्थियों ने स्वयं अपने हाथों से गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर अपनी कला एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षिका प्रियंका भूरिया, ऋचा मचार, खुशी सोलंकी का विशेष सहयोग रहा।
संस्था संचालक एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान के राष्ट्रीय संयोजक श्री ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि ’’इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा का निर्माण पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक पहल है।’’ प्लास्टर ऑफ पेरिस एवं रासायनिक रंगों से बनी प्रतिमाओं की अपेक्षा प्राकृतिक मिट्टी से निर्मित प्रतिमाएँ पर्यावरण के लिए अधिक सुरक्षित होती हैं। मिट्टी से निर्मित मूर्तियां आध्यात्मिकता का प्रतिक है।
इस अवसर पर संस्था प्राचार्या श्रीमती वन्दना नायर द्वारा बताया गया कि मिट्टी से निर्मित मूर्ति का सबसे बढ़ा लाभ यह है कि यह पानी में घुलनशिल है और प्राकृतिरूप से आसानी से विघटित हो जाती है और इसमंे किसी भी प्रकार का कोई हानिकारक अवशेष नहीं होता है जिससे जल प्रदुषण नहीं होता है तथा पानी की गुणवत्ता को बनाए रखने में मदद मिलती है तथा पर्यावरण के लिए भी अनुकूलित होती है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने एवं आत्मनिर्भर भारत अंतर्गत विद्यार्थियों को इस प्रकार की रचनात्मक शिक्षा दी जाती है।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों को ’’“परंपरा भी, प्रकृति की रक्षा भी”’’ का संदेश देते हुए पर्यावरण हितैषी गणेशोत्सव मनाने के लिए प्रेरित किया।












