
विट्ठल-विट्ठल नाम संकीर्तन से सात दिनों तक गुंजायमान रहा श्री विट्ठल मंदिर, गुरुपूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब।

7 दिनों से चल रहे नाम सप्ताह पर्व के समापन पर आज प्रातः कांकड़ आरती के साथ शाम को निकलेगी पालकी यात्रा।
खंडवा। गुरुपूर्णिमा एवं श्री विट्ठल नाम सप्ताह के पावन अवसर पर श्री विट्ठल मंदिर सात दिनों तक “विट्ठल-विट्ठल” नाम संकीर्तन और संगीतमय भजनों से गुंजायमान रहा। पूरे उत्सव के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्री विट्ठल के दर्शन किए और भक्ति भाव से धार्मिक आयोजनों में सहभागिता निभाई। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि लगातार 146 वर्षों से प्राचीन विट्ठल मंदिर में नाम सप्ताह का पर्व धार्मिक उत्साह के साथ 7 दिनों तक मनाया जा रहा है। इस वर्ष भी यह पर्व मनाया गया, और 7 दिनों तक 24 घंटे अखंड अलग-अलग भजन मंडलीयो द्वारा भजनों की प्रस्तुति उत्साह एवं नृत्य करते हुए दी गई। विट्ठल मंदिर में नाम सप्ताह पर्व का समापन 30 जुलाई गुरुवार को प्रातः कांकडा आरती के साथ एवं शाम को विट्ठल मंदिर से भगवान विट्ठल की पालकी यात्रा के साथ होगा ।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि बुधवार को गुरुपूर्णिमा के अवसर पर विट्ठल मंदिर में प्रातः 9 बजे पूज्य सच्चिदानंद महाराज की चरण पादुकाओं का विधिवत पूजन मंदिर के राम, श्याम आष्टेकर परिवार द्वारा किया गया। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने चरण पादुकाओं के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सात दिवसीय नाम सप्ताह का आयोजन श्रद्धालुओं के सहयोग से अत्यंत शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विभिन्न भजन मंडलियों ने अपने निर्धारित समय के अनुसार मंदिर पहुंचकर भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। ब्रह्म मुहूर्त से लेकर मध्यरात्रि तक भक्ति का वातावरण बना रहा और सभी मंडलियों ने अनुशासनपूर्वक अपनी सेवाएं देकर उत्सव को सफल बनाया। उत्सव का पारंपरिक समापन 30 जुलाई को प्रातः काकड़ आरती के साथ होगा। इसके पश्चात शाम 5 बजे श्री विट्ठल मंदिर से भगवान श्री विट्ठल की भव्य पालकी यात्रा शहर के प्रमुख मार्गो से निकाली जाएगी, जिसमें भगवान श्री विट्ठल की प्रतिमा विराजमान रहेगी। मंदिर के राम श्याम आष्टेकर ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है की गुरुवार शाम 5 बजे श्री विट्ठल भगवान की पालकी यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर उत्सव का हर्षोल्लास एवं श्रद्धाभाव के साथ समापन करें।












