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*माटी से गढ़ी आस्था, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश*

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*माटी से गढ़ी आस्था, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश*
*मोती लाल नेहरू स्कूल में विद्यार्थियों ने स्वयं बनाए मिट्टी के गणेश, घर-घर माटी गणेश स्थापित करने का लिया संकल्प*
खंडवा। गणेशोत्सव को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की पहल के तहत मोती लाल नेहरू शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, खंडवा में ‘माटी गणेश–सिद्ध गणेश’ अभियान अंतर्गत माटी गणेश कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने अपने हाथों से मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं बनाकर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश दिया।
विद्यालय की प्राचार्य मनीषा कासबी ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, भारतीय परंपरा और स्थानीय माटी कला से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आस्था और पर्यावरण संरक्षण का यह समन्वय विद्यार्थियों में जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित करता है।
विद्यालय की नवाचारी शिक्षिका हर्षा शर्मा ने विद्यार्थियों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने की विधि समझाई। उन्होंने कहा कि पीओपी की मूर्तियों के स्थान पर मिट्टी के गणेश स्थापित करना पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। मिट्टी की प्रतिमाएं विसर्जन के बाद पुनः मिट्टी में मिल जाती हैं और जल स्रोतों पर प्रदूषण का भार कम करती हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि “इस गणेश चतुर्थी घर में माटी गणेश लाएं और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लें।” उन्होंने कहा कि माटी गणेश अभियान केवल प्रतिमा निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि हमारी परंपरा को प्रकृति से जोड़ने का प्रयास है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय कुम्हार परिवारों की आजीविका को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक मिट्टी से आकर्षक गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं। इस दौरान उन्होंने गणेश चतुर्थी पर अपने घरों में माटी गणेश स्थापित करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में विद्यालय का समस्त स्टाफ, डीएलएड विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यशाला ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि परंपरा वही सार्थक है, जो प्रकृति के साथ चले—आस्था भी रहे और पर्यावरण भी बचे।

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