
कान्हा के जन्म को लेकर सजे खंडवा के मंदिर, रात 12 बजे जन्म आरती के बाद खुलेंगे पट

श्री सत्यनारायण, विट्ठल, अग्रवाल धर्मशाला, द्वारकाधीश हवेली और मुनि बाबा मंदिर में होंगे आयोजन; आकर्षक श्रृंगार, छप्पन भोग और भजन-कीर्तन से गूंजेंगे मंदिर परिसर
खंडवा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी को लेकर शहर में तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। मंदिरों में कान्हा के स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि श्री सत्यनारायण मंदिर, विट्ठल मंदिर, अग्रवाल धर्मशाला मंदिर,द्वारकाधीश हवेली मंदिर, मुनि बाबा मंदिर पार्वती बाई धर्मशाला मंदिर सहित शहर के विभिन्न कृष्ण मंदिरों को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। जन्माष्टमी की रात मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भगवान का आकर्षक श्रृंगार और छप्पन भोग लगाया जाएगा। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की आरती के बाद मंदिरों के पट खोले जाएंगे और श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे।
आधी रात को होगा कान्हा का जन्म
सुनील जैन ने बताया कि जन्माष्टमी पर मंदिरों में दिनभर धार्मिक आयोजन होंगे। शाम होते ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगेगी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष आरती की जाएगी। जन्मोत्सव के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। मंदिर समितियों ने दर्शन व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां की हैं।
आकर्षक श्रृंगार और छप्पन भोग बनेगा आकर्षण
मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण और बाल गोपाल का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। फूलों, वस्त्रों और आभूषणों से भगवान की झांकी सजाई जाएगी। भक्तों द्वारा भगवान को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होगा।
रोशनी से जगमगाएंगे मंदिर
जन्माष्टमी को लेकर शहर के प्रमुख मंदिरों की विद्युत सजावट की गई है। रंग-बिरंगी रोशनी से मंदिरों को सजाया गया है। रात में मंदिरों की आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। कई मंदिरों में फूलों से भी विशेष सजावट की जा रही है।
मटकी फोड़ प्रतियोगिताओं में दिखेगा उत्साह
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और उनकी लीलाओं से जुड़े आयोजन भी जन्माष्टमी पर होंगे। शहर के विभिन्न स्थानों पर मटकी फोड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें युवाओं की टोलियां हिस्सा लेंगी। दही-मटकी फोड़ने के लिए गोविंदा दलों में उत्साह बना हुआ है। आयोजन स्थलों पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं।
घरों में भी कान्हा के स्वागत की तैयारी
जन्माष्टमी का उत्साह मंदिरों के साथ घरों में भी दिखाई देने लगा है। परिवारों ने बाल गोपाल की पूजा के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। घरों में भगवान के लिए नए वस्त्र, मुकुट और आभूषण तैयार किए जा रहे हैं। कई परिवारों में कान्हा के लिए पालना सजाने और विशेष भोग बनाने की तैयारी है। बच्चों में भी जन्माष्टमी को लेकर खास उत्साह है।
शहर में जन्माष्टमी को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। भगवान श्रीकृष्ण की पोशाक, मुकुट, बांसुरी, झूले और सजावटी सामग्री की खरीदारी के लिए लोग बाजार पहुंच रहे हैं। मंदिरों और घरों में होने वाले आयोजनों के बीच इस बार भी खंडवा में जन्माष्टमी का पर्व पूरे भक्तिभाव और उत्साह के साथ मनाया जाएगा।










