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अहंकार हो तो ऐसा कि मैं भगवान का हूं और भगवान मेरे हैं, ,देवी कृष्णप्रिया दीदी,

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अहंकार हो तो ऐसा कि मैं भगवान का हूं और भगवान मेरे हैं, ,देवी कृष्णप्रिया दीदी,

भागवत कथा के द्वितीय दिवस भक्त और भक्ति के स्वरूप की हुई भावपूर्ण व्याख्या।

पुरानी अनाज मंडी में भागवत कथा का बड़ी संख्या में श्रद्धालु कर रहे हैं रसपान।

खण्डवा। श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ समिति खण्डवा द्वारा अनाज मंडी प्रांगण में आयोजित भागवत कथा के द्वितीय दिवस कथा वाचक देवी कृष्णप्रिया दीदी ने भक्त और भक्ति के स्वरूप पर भावपूर्ण एवं सारगर्भित व्याख्या करते हुए कहा कि “हमें यह अहंकार होना चाहिए कि मैं भगवान का हूं और भगवान मेरे हैं। भगवान भक्तों के अहंकार का भी भोग लगाते हैं।”
दोपहर 2:30 बजे से शाम 6 बजे तक चली कथा में कृष्णप्रिया दीदी ने कहा कि भक्तों के कान गौकर्ण जैसे होने चाहिए, जो सदैव भगवान की कथा और सदविचारों का श्रवण करें। उन्होंने वक्ता और श्रोता के लक्षण, सच्चे भक्त के स्वरूप तथा भक्ति की महिमा की विस्तृत व्याख्या करते हुए श्रद्धालुओं को भगवान की भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।मीडिया प्रभारी नारायण बाहेती व सुनील जैन ने बताया कि कथा के प्रारंभ में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ समिति खण्डवा के अध्यक्ष उत्तम मित्तल ने स्वागत उद्बोधन दिया। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि मथुरा से पधारे संत देवी कृष्ण प्रिया जी के मुखारविंद से आयोजित भागवत कथा का बड़ी संख्या में श्रद्धालु रसपान कर रहे हैं, उनके भजन एवं उनकी वाणी द्वारा भागवत कथा के एक शब्द सरल है जो श्रद्धालुओं मन मस्तिष्क में उतरते हैं, भागवत कथा में बुधवार को मुख्य यजमान राजेन्द्र अग्रवाल, श्रीमती आशा अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, श्रीमती संगीता अग्रवाल, अंकित एवं शुभम सहित समिति के अध्यक्ष उत्तम मित्तल, सचिव शैलेन्द्र अग्रवाल, रामस्वरूप बाहेती, घनश्यामदास शाह एवं हरिवल्लभ शाह ने व्यासपीठ का पूजन कर देवी कृष्णप्रिया दीदी से आशीर्वाद प्राप्त किया। भागवत कथा के द्वितीय दिवस राजनारायण परवाल, गोवर्धन अग्रवाल, विनोद अग्रवाल,सुनील जैन,नारायण बाहेती, ओमप्रकाश अग्रवाल,सुनील बंसल, ओम अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरुष एवं मातृशक्ति ने अनाज मंडी प्रांगण में उपस्थित होकर भक्तिभाव से कथा का श्रवण किया। कथा के दौरान पूरा पंडाल भगवान की भक्ति और जयघोष से गुंजायमान रहा। कथा के समापन पर महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। इसके साथ ही श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस का विराम हुआ। कार्यक्रम का आभार समिति के सचिव शैलेन्द्र अग्रवाल ने माना।

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