सुमरावा मार्ग की स्थिति पर ग्रामीणों में आक्रोश, जिम्मेदार विभाग से जांच और मरम्मत की मांग
सीतापुर/सकरन। सकरन ब्लॉक की ग्राम पंचायत सुमरावा में तंबौर और बिसवां जैसे प्रमुख कस्बों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि अप्रैल-मई के आसपास बनी सड़क कुछ ही महीनों में जगह-जगह टूटने लगी है और बरसात के बाद सड़क पर जलभराव तथा कीचड़ की समस्या गंभीर हो गई है।
सुमरावा गांव की मुख्य सड़क पर कई स्थानों पर गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। बारिश का पानी इन गड्ढों में भर जाने से सड़क तालाब जैसी नजर आने लगती है। इससे राहगीरों, बाइक सवारों और स्कूली बच्चों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही महीनों बाद इसकी हालत खराब होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात के दिनों में जलभराव के कारण बाइक सवारों के फिसलने और दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और पैदल राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी होती है। सड़क के किनारे जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से समस्या और बढ़ जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर संबंधित जिम्मेदारों से शिकायत की गई है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने और सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराकर कमियां सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाए, तो भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है।
रिपोर्टर: नितिन कुमार (श्रीवास्तव)
स्थान: ग्राम सुमरावा, ब्लॉक सकरन, जनपद सीतापुर (उत्तर प्रदेश)












