पंचायत उपनिर्वाचन 2026: सभा, रैली एवं लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए अनुमति अनिवार्य
प्रातः 6:00 से रात्रि 10:00 बजे तक ही हो सकेंगी सभाएं; ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर मिलेगी अनुमति
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत जारी किए आदेश, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
खरगोन से रिपोर्टर अनिल बिलवे की रिपोर्ट. ..
खरगोन 08 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायतों में रिक्त पदों के लिए उपनिर्वाचन (पूर्वार्द्ध) 2026 की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। निर्वाचन अवधि में आम सभा, जुलूस, रोड शो, रैली के आयोजन तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के उपयोग को विनियमित व शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री गुरु प्रसाद द्वारा ‘मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम-1985 की धारा 18 के अंतर्गत विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
यह आदेश जिले के संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों—ग्राम पंचायत (पंच पद)/वार्ड, जिला पंचायत क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 19, विकासखंड बड़वाह की ग्राम पंचायत नावा (सरपंच पद), विकासखंड कसरावद के जनपद पंचायत (सदस्य) निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 20 एवं ग्राम पंचायत सत्राटी (सरपंच पद) तथा विकासखंड खरगोन के जनपद पंचायत (सदस्य) निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 12 के लिए प्रभावशील किया गया है। इन क्षेत्रों में अनुमति जारी करने के लिए समस्त रिटर्निंग अधिकारी/सक्षम अधिकारी अपने-अपने क्षेत्राधिकार अंतर्गत अधिकृत किए गए हैं।
प्रातः 6 से रात्रि 10 बजे तक की ही मिलेगी अनुमति
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आम सभाओं के आयोजन की अनुमति केवल प्रातः 06:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे के मध्य ही दी जा सकेगी। सभा की अनुमति में दिनांक, स्थल एवं समय का स्पष्ट उल्लेख रहेगा तथा लाउडस्पीकर का उपयोग धीमी आवाज में करने के सख्त निर्देश रहेंगे। जुलूस एवं रैली की अनुमति में भी प्रारंभ होने का स्थान व समय, गुजरने वाले मार्ग तथा समाप्ति स्थल का पूरा विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा।
एक ही स्थान पर दो दलों को एक साथ अनुमति नहीं, 2 घंटे का अंतर रहेगा अनिवार्य
शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पष्ट किया गया है कि एक ही स्थान पर एक ही समय में दो अभ्यर्थियों या प्रत्याशियों को सभा की अनुमति कतई नहीं दी जाएगी। आयोजित सभाओं के बीच कम से कम 2 घंटे का समयांतराल रखा जाना अनिवार्य होगा ताकि कोई अप्रिय स्थिति निर्मित न हो। इसके अलावा, किसी भी शासकीय या अशासकीय स्कूल के खेल मैदान व परिसर में सभा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पंजी में दर्ज होगा आवेदन का समय, उल्लंघन पर होगी विधि सम्मत कार्रवाई
राजनीतिक दलों व अभ्यर्थियों से आवेदन प्राप्त होते ही सक्षम अधिकारी उस पर प्राप्ति का दिनांक व समय तत्काल दर्ज करेंगे। जिस दल/अभ्यर्थी द्वारा पहले आवेदन प्रस्तुत किया गया है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पहले अनुमति दी जाएगी। इसके लिए कार्यालय में बाकायदा एक पंजी संधारित की जाएगी, ताकि उसी समय व स्थान पर किसी अन्य दल को अनुमति जारी न हो।
जिला दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि उक्त दिशा-निर्देशों एवं प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिवत वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।