
*संतों के दर हर बरस लगेंगे, इस जगत में सच्चा गुरु आत्मज्ञान जागृत कर देता है-बाबा माधवदास साहेब*

*विशाल केक काटकर मना स्वामी बोदाराम साहिब जी का जन्मोत्सव, हुआ विशाल भंडारा*
खडंवा। सच्चा गुरु वह है जो व्यक्ति में आत्मज्ञान जागृत कर देता है। सही राह चलने का सामर्थ्य और दिशा देता है। शिष्य के जीवन के अंधकार से भरी दुनिया में जगमगाता प्रकाश देता है, गुरु सदैव हमसे श्रेष्ठ होता है। खुशी दोगे तो खुश रहोगे दुख दोगे तो सहोगे। संतों के दर हर बरस लगेंगे, झुककर ही हम पायेगे आर्शिवाद अकेले। गुरु शब्द की महिमा का बखान एवं जीवन को सुखमय तरीके से बिताने के लिए टिप्स देते हुए यह बात बालकधाम प्रमुख बाबा माधवदास उदासी जी द्वारा तीन दिवसीय जन्मोत्सव के समाप्ति अवसर बडी संख्या में उपस्थित भक्तजनों को गुरु नाम के महत्व को समझाते हुए कही। बालकधाम प्रवक्ता निर्मल मंगवानी ने बताया कि इस अवसर पर कटनी के भगत महेश उदासी द्वारा प्रवचनों में कहा कि आज का इंसान दुसरों के सुखों को देखकर दुखी है। हमें कभी भी गलत रास्ते को नहीं अपनाना चाहिए। रात्रि 1 बजे रंगारंग गगनभेदी आतिशबाजी के मध्य विशाल केक काटकर स्वामी बोदाराम साहिब जी का 113 वां जन्मदिन महोत्सव के रूप में मनाया गया। इस मौके पर समाज के विभिन्न पदों पर नवननवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं सदस्यों का स्वामी माधवदास उदासी व्दारा शाल श्रीफल भेट कर आशीर्वाद प्रदान किया। वही भजन गायक महेश उदासी व्दारा जहखे बोदाराम जो मिलो प्यार आ वो बई हथ्थ मथे करे, सिंधी अबाडी बोली मिठडी अबाडी बोली, मुहिंजो दारू दवा तुहिंजो दीदार आ आदि सहित अनेक सुंदर भजनों, कलामों लोकगीतों की प्रस्तुतियां एवं आगरा के साथी कलाकारों व्दारा माता नवदुर्गा, श्री रामचंद्र जी एवं राधा, श्रीकृष्ण, फूलों की होली एवं बरसाने की लठमार होली आदि के गीतों की सुंदर प्रस्तुतियों के दौरान उपस्थित श्रद्धालुजनों को जमकर झूमने पर मजबूर कर दिया। इस अवसर पर विधायक कंचन तंवे, अमर यादव, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष सेवादास पटेल, नगर पालिका निगम अध्यक्ष अनिल विश्वकर्मा, सागर आरतानी, एमआईसी सदस्य राजेश यादव आदि ने उपस्थित होकर जन्मोत्सव की बधाई देते हुए स्वामी माधव दास जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान मेठाराम पिंजानी, मोहन दीवान, हरीश तलरेजा, मनोहरलाल सबनानी, नारायणदास चावला, महेश चंदवानी, मनोहर संतवानी, कुंदन चेतवानी, जेठानंद हरचंदानी, ताराचंद, गोपाल जेठवानी, मोहन गंगवानी, हरीश बुलानी, बलराम गिदवानी, साधु लखानी, ईशान दरड़ा भुसावल, किशनचंद कोटवानी, राजू, संजय सबनानी, संतोष मोटवानी, शंकर जेठवानी, निर्मल मंगवानी, अशोक हेमवानी, अशोक मंगवानी, अजय गेलानी, मुकेश चंचलानी, रोहित आरतवानी, मनीष लालवानी, माता बहनों आदि सहित देश-विदेश एवं आसपास के नगरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन शामिल हुए।









